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स्व-सहायता समूह से आत्मनिर्भरता तक: द्रौपती बांधे की सफलता की कहानी

  रायपुर, 29 जनवरी 2026 राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रह...

 


रायपुर, 29 जनवरी 2026 राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम बरछा निवासी द्रौपती बांधे ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना के अंतर्गत जय लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई। समूह के ध्यम से उन्हें ऋण सुविधा प्राप्त हुई। प्राप्त ऋण राशि का सही उपयोग करते हुए द्रौपदी बांधे ने सब्ज़ी उत्पादन और विक्रय का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने न केवल फसल उगाई, बल्कि उसे बाज़ार में बेचकर नियमित आय अर्जित करना भी शुरू किया। 

द्रौपती बांधे ने बताया कि पहले उनकी मासिक आय, जो पहले लगभग 20 हजार रूपए थी, अब बढ़कर 50 हजार रूपए तक पहुँच गई। जिससे वे समय पर ऋण चुकाने में सक्षम हुईं और साहूकारों पर निर्भरता समाप्त हो गई। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले द्रौपदी बांधे की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की आय के साधन सीमित थे और रोज़मर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। छोटी-मोटी मजदूरी और अस्थायी कार्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें गाँव के साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो जाती थी। परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी ज़रूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं, लेकिन अब वे पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। उन्होंने योजना के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया। 

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